इजरायल: बहुमत से फिर चूके नेतन्याहू

 इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर बहुमत से चूक गए हैं। नेतन्याहू के नेतृत्व वाली लिकुद पार्टी को एग्जिट पोल में सबसे ज्यादा सीटें दी गई हैं। बता दें कि इजरायल में एक ही साल में तीसरी बार संसदीय चुनाव हुए हैं। गौर करने वाली बात है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके सहयोगी दलों को 120 सदस्यीय संसद में बहुमत से महज दो सीटें कम, 59 सीटें मिल सकती हैं। चुनाव बाद सर्वेक्षण (एग्जिट पोल) में यह बात कही गई है। देश में एक साल से भी कम वक्त में सोमवार को तीसरी बार चुनाव हुआ जिसमें कुल 71 फीसदी लोगों ने मतदान किया। दरअसल, कई एग्जिट पोल में दावा किया गया कि नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुद पार्टी अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी से कहीं आगे चल रही है। नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं, लेकिन चुनाव से मिले संकेत बता रहे हैं कि उनका जनाधार कायम है। तीन टेलीविजन नेटवर्कों की ओर से जारी एग्जिट पोल में दावा किया गया कि लिकुद और इसके सहयोगी दलों को 60 सीटें मिल सकती हैं। अंतिम परिणाम बुधवार को आ सकते हैं।" alt="" aria-hidden="true" />


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मार्च में 120 साल की सबसे अधिक बारिश दिल्ली में इस साल मार्च सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना साबित हुआ है। यह 120 साल में सर्वाधिक है। दिल्ली में शनिवार को सुबह और दोपहर हुई झमाझम बारिश के बाद सफदरजंग के मौसम केंद्र में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पूर्व 13 मार्च तक 64.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी। अब तक यहां मार्च में 101.9 मिमी बारिश हो चुकी है। इससे पहले 2015 के पूरे मार्च महीने में 97.4 मिमी वर्षा हुई थी। इस बार मार्च में14 दिनों में ही रिकॉर्ड बन चुका है।
देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन में चौंकान्ने वाला खुलासा हुआ है। देश के 21 राज्यों के 52 जिलों में 5911 में से 104 गंभीर सांस रोगी कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। इनमें ज्यादात्तर मरीजों की आयु 50 वर्ष से ऊपर है और पुरूषों की संख्या अधिक है। 104 में से 39.2 फीसदी (40) संक्रमित मरीजों की कोई हिस्ट्री नहीं मिली है। न तो ये विदेश से आने वाले किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और न ही संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं। दरअसल मार्च के पहले सप्ताह में कोरोना वायरस को लेकर आईसीएमआर ने अपनी लैब में कुछ रैडम सैंपलिंग की थी, जिसमें एक हजार सैंपल की जांच के बाद एक भी पॉजीटिव केस नहीं मिला था। इसके बाद 20 मार्च को टेस्टिंग प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अस्पतालों में भर्ती गंभीर श्वास रोगियों की जांच कराने के निर्देश दिए गए। 15 से 29 फरवरी तक की गई 965 गंभीर सांस रोगियोंं की जांच में से दो मरीज पॉजीटिव मिले लेकिन जब टेस्टिंग प्रक्रिया में बदलाव हुआ तो देश भर के अस्प्तालों में भर्ती 4946 सैंपल की जांच हुई जिसमें से 102 सैंपल पॉजीटिव मिले।
अध्ययन के अनुसार गुजरात से 792, तमिलनाडू से 577, महाराष्ट 553 और केरल से 502 गंभीर श्वास रोगियों के सैंपल जांचे गए थे।
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इसी के अनुसार देश में गंभीर सांस रोगियों के 5911 में से 104 सैंपल पॉजीटिव मिले हैं। अध्ययन में इन मरीजों की आयु औसतन 44 से 63 वर्ष के बीच बताई गई है। वहीं 83.3 फीसदी मरीज पुरूष हैं।